January 1, 2018

Everything is taken care of, for each one of us

Everything is taken care of
for each one of us

Only we have forgotten the language of the universe
only we have become
dis-harmonious
dis-eased

Whatever is needed comes to us in the right moment
for each one of us
But we are so lost in our desires
that we cannot understand the difference between
What is needed
and
What we want

and hence miss the opportunity and keep running to live a life

that is lived effortlessly
the life that I am
the life that is not separate from the entire universe
the life that exists as me
around me

This life takes care of every moment
for each one of us

Just slow down
be at ease
allow the natural harmony to follow
and you will find yourself doing everything effortlessly
and from a distance

the witness does nothing
just witnesses
the play of the universe

Love!

Gratitude

Gratitude is not merely for the materialistic expansion of our life...
for a new home
or a new car
or a successful business or job
or family expansion
or financial expansion

Gratitude is for everything in life
for an accident
for a break-up
for a painful situation
for a failure
for each of these teaches us a lesson, that could not have been learnt otherwise
and in turn transforms our eyes to see the world differently

Gratitude is for everything
and for life itself.

For today, my eyes open to see the world, with all its colours, beauty and imperfections
For today, there is love in life and laughter and joy

For tomorrow, I might have to leave this body and the wonder of this world might no more exist for me.

Gratitude can become our moment to moment living.
Gratitude makes us feel one with the universe, for whatsoever happens is accepted with love and bowing down.

November 29, 2017

If today is the last day of my life

If today is the last day of my life
o beloved
I no more seek enlightenment before dying
o beloved

If today is the last day of my life
o beloved
I would spend it in love
just in love
in you, for you, with you
all over you
all embracing you
o beloved

waiting to silently, lovingly
merge into you
o beloved

If today is the last day of my life
o beloved
I would spend every moment in gratitude
for bestowing such beautiful life
with you
for blessing with so much love
o beloved
what more could have I asked for
o beloved

If today is the last day of my life
o beloved
I would wait joyously, lovingly
to dissolve
o beloved

<3 p="">

October 18, 2017

New painting

New painting was waiting to be born ...


Along with the painting, this message descended...
*****
Before there was no thing
Only "That" existed
From "That", duality and entire universe was born
"That" still exists
as the center of universe
as the universe
within and as each particle, planet and being of this universe

Only That Exists
I am That





October 11, 2017

कैसे तेरा धन्यवाद् करूँ ओ प्रिये

कैसे तेरा धन्यवाद् करूँ
ओ प्रिये

तू कितने रूपों में आये
मुझ पर इतना प्रेम बरसाए
ओ प्रिये
कैसे तेरा धन्यवाद् करूँ
ओ प्रिये

कभी नरम गद्दों पर सुलाए
कभी काम करवाए
कभी भगाये
क्या मेरे लिए अच्छा है
तू जान वही करवाए
ओ प्रिये

कैसे तेरा धन्यवाद् करूँ
ओ प्रिये

इतना प्रेम तू क्यों बरसाए
क्या ऐसा मैंने किया
जो तू हज़ारों रूपों में आ
मेरा ध्यान रखवाए
मुझपर प्रेम उड़ाए, बरसाए

कैसे तेरा धन्यवाद् करूँ
ओ प्रिये

जब बस प्रेम ही हो जीवन में
कुछ और शेष न रह जाये
तो क्या रह जाये
तू ही तू
तू ही तू

:)

तू ही तू
ओ प्रिये

तू ही तू
तू ही तू
ओ प्रिये

:)

तू ही तू
तू ही तू

:)

- तनु श्री


September 6, 2017

Union in Love


Dedicated to beloved on today's Full Moon.




It looks different in different lights.

May 26, 2017

Go all the way, O beloved friend!

Go all the way
O beloved friend
O fellow traveller

There is beauty
Do not stop there
There are variety of delicious foods
Do Not stop there
There are sensual pleasures
Do not stop there
There are aromatic fragrances
Do not stop there

Go all the way
O beloved friend
O fellow traveller

There are exciting, good relationships
Do not stop there
There are attachments and family bondings
Do not stop there
There are material riches - cars, bunglows, gold, silver and diamond
Do not stop there

Go all the way
O beloved friend
O fellow traveller

There are love-hate relationships
Do not stop there
There is pain and hatred
Do not stop there
There is jealousy and anxiety and suffering
Do not stop there
There is old age and death
Do not stop there

Go all the way
O beloved friend
O fellow traveller

There are promises of a better future
Do not stop there
There is fame and recognition
Do not stop there
There is pride, power and tons of money
Do not stop there

Go all the way
O beloved friend
O fellow traveller

There is sheer bliss
Do not stop there
There is tremendous peace
Do not stop there
There is deep love with partner
Do not stop there
There is a joyful existence
Do not stop there

Go all the way
O beloved friend
O fellow traveller

There is nothing that is beyond "That"
There is nothing of this world that is
separate from "That"
All that this world has to offer
is nothing without knowing "That"

Go all the way to "Truth"
O beloved friend
Do not stop anywhere
Go all the way to "That"
O beloved friend

May Grace be with you
May your eyes and heart be clear
to receive Grace
And guide you through

Go all the way
O beloved friend
Go all the way

- Tanu Shree

May 15, 2017

प्यारी माँ



एक माँ ने मुझे जनम दिया,पाला
और तूने ऐसे अपनाया
जैसे तूने ही हो, जनम दिया
प्यारी माँ

सौभाग्य वाले होते हैं वो बच्चे
जिनकी होती हैं
दो माएँ
प्यारी माँ

तेरा प्रेम भरा विशाल दिल
इस दुनिया के सारे बच्चो को
समाने की शक्ति रखता है
प्यारी माँ

तेरी ममता में कोई मोह नही
बस प्रेम है
प्यारी माँ

तूने इतनी सुंदर आत्मा को जन्मा
और उसे ऐसा शुध, शांत, प्रेम पूर्ण, स्वरूप दिया
तेरा जीवन भर धन्यवाद करूँ तो भी कम है
प्यारी माँ

परमात्मा तुझे अपनी भी माँ बना
प्रेम में समा दे
प्यारी माँ

मैं इस जीवन में
स्वयं में सत्य, प्रेम, परमात्मा को जान
तुझे उसका तोहफा दे पाऊं
तो धन्य हो जाऊं
प्यारी माँ

तेरे प्रेम में, तेरी प्यारी मैं
तू मेरी प्यारी माँ

- तनु श्री

प्यारी माँ



बरगद के पेड़ की छाया सा
तेरा आँचल
प्यारी माँ

तेरे होने से मैं सदा बच्ची ही रहूंगी
तेरा होना ही काफ़ी है
प्यारी माँ

कुछ भी कहना तेरे बारे में
कम ही है
प्यारी माँ

तूने ध्यान का, प्रेम का गर्भ मुझे दिया
और मेरा सारा जीवन बदल दिया
प्यारी माँ

जब मैं दुनिया से परेशान हो
रोती थी
तेरी एक जॅफी
सारा दर्द समेट लेती थी
प्यारी मां

जब में खिल-खिला के हँसी
तो तू आनंद से झूम उठी
प्यारी मां

तुझ  पर कितना हक जमाया
ये करो, वो करो, आपको समझ में क्यों नही आता
तूने हँसी से सब समा लिया
प्यारी माँ

तेरी मस्ती से मैने
हर स्थिति में मस्त रहना सीखा है
प्यारी माँ

सालों साल बीत गये
तुझे कभी धन्यवाद दिए हुए
तुझे ये ज़ाहिर किए
की कितनी धन्य हूँ मैं
तुझे अपनी माँ पाकर
प्यारे माँ

तुझे इस जीवन में कुछ दे सकती हूँ
तो बस सत्य, शुन्य और प्रेम का तोहफा
ताकि तू भी उस असीम में मिल
स्वयं में परमात्मा जान ले
प्यारी माँ

प्रार्थना ये मेरी पूरी हो
प्रार्थना करना
तेरी प्रार्थना वो ज़रूर सुनेगा
प्यारी माँ

तेरे प्रेम में, तेरी प्यारी मैं
तू मेरी प्यारी माँ

- तनु श्री


May 12, 2017

बचपन से हूँ देख रही आपको...



दिल मैं है जो धन्यवाद
कैसे कहूँ
क्या लिखूं
कैसे बयान करूँ

बचपन से हूँ देख रही आपको
मस्त मौला सा
संसार में रह रहा
एक सन्यासी सा
हर फ़र्ज़ निभा रहा
हर काम कर रहा
कमल के फूल भाँति
अन्छूआ सा

राज़ इसमे है क्या
बचपन से हूँ सोच रही

आपको जिसने कहा बुरा
मैने उन्हे ना चुना
और धन्य हुई
प्रेम के अपार धन से

सदा आपका होना ही काफ़ी रहा
अंतर की प्यास को जगाए रखने को
मुझे इस रास्ते पर चलाए रखने को

आपके मार्ग-दर्शन ने
आईने पर पड़ी धूल
को हटाया
दो होने के वहम से
है आज़ाद करवाया
बचपन से हूँ सोच रही
ऐसा अजूबा कैसे बनाया

क्यों सब आप से आनद में नही
पर मैं चाहती थी ऐसा होना
बचपन से ही
संसार में रहना
सन्यासी की तरह जीना

पता नही ऐसे कभी
क्या अच्छे कर्म हुए मुझसे
जो इतनी धन्यभागी हुई
इस जीवन में
बचपन से आपको जान
स्वयं को ही जान रही

आपके जानम दिवस पर
प्रार्थना है ये परम से
आपकी रोशनी,
और बहुत दिए जलाए
आपका आलोक
बहुतों की मदद करे
उस एक को जानने में
जो है ही

बचपन से हूँ देख रही
तुझमे परमात्मा को

- तनु श्री


    Dedicated to chachu on his birthday



May 5, 2017

प्यारे भाई मनु

प्यारे भाई
तेरी बहुत याद आई
तू होता तो
आलू के पराठे ख़ाता

तू होता तो
होती थोड़ी नोक झोंक
नाराज़ होता
फिर मान जाता
घुट कर जॅपी पाता
प्यारे भाई
तेरी बहुत याद आई

जीवन का सबसे लंबा समय
हुमने साथ में है बिताया
२३ साल कैसे गुज़रे
समझ में नही आया

मैं कहानियाँ सुनाती थी
तू सुनता था
तेरी सहनशीलता से
सबको मोह लेता था
घर में होती थी
जब तू तू मैं मैं
तब तू ही बढ़प्पन दिखा
करवाता था सबकी सुलह

तेरी धैर्य से सुनने की कला
मुझे भी सिखाना
मैं भी सीख रही
श्रोता होना
बिना विचार के
शून्या हो कर सुनना

प्यारे भाई
तेरी बहुत याद आई

तुझमे जो है खूबियाँ
मुश्किल है आजकल पाना
एक प्रेम भरा बड़ा दिल
सादगी, धैर्य, सहनशीलता

धन्य हो गयी मैं
तुझे अपना भाई पा कर
तुझमे एक प्रग्य इंसान
को जानकार

प्रार्थना है ये परमात्मा से
तू फूल की तरह खिले
तेरी खुश्बू सब ओर महके
तेरा आनंद कन कन से झलके
और जब भी हम मिले
उस एक में ही मिल जाएँ

प्यारे भाई
तेरी बहुत याद आई

- तनु श्री